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Sarveshwar dayal saxenda biography of donald

          Four Poems/ Sarveshwar Dayal Saxena/ Issue 2 min read.

        1. First edition of Sahitya Academy publication of Sarveshwar Dayal Saxena's classic Khutiya par tange lok in English translation by Vijay Munshi.
        2. Sarveshwar Dayal Saxena was born on 15th September in Basti a city, in Uttar Pradesh and died in 23rd September He was basically a poet.
        3. सम्पूर्ण राष्ट्र का है पतन। ऐसा खून बहकर धरती में जज्ब नहीं होता आकाश में फहराते झंडों को काला करता है। जिस धरती पर फौजी बूटों के निशान हों और उन.
        4. Sarveshwar Dayal Saxena.
        5. Sarveshwar Dayal Saxena was born on 15th September in Basti a city, in Uttar Pradesh and died in 23rd September He was basically a poet.!

          सर्वेश्वर दयाल सक्सेना

          सर्वेश्वर दयाल सक्सेना (15 सितंबर - २३ सितंबर (बस्ती)[उत्तर प्रदेश] हिन्दी कवि एवं साहित्यकार थे। जब उन्होंने दिनमान का कार्यभार संभाला तब समकालीन पत्रकारिता के समक्ष उपस्थित चुनौतियों को समझा और सामाजिक चेतना जगाने में अपना अनुकरणीय योगदान दिया। सर्वेश्वर मानते थे कि जिस देश के पास समृद्ध बाल साहित्य नहीं है, उसका भविष्य उज्ज्वल नहीं रह सकता। सर्वेश्वर की यह अग्रगामी सोच उन्हें एक बाल पत्रिका के सम्पादक के नाते प्रतिष्ठित और सम्मानित करती है।

          जीवन परिचय

          [संपादित करें]

          जन्म:

          15 सितंबर को बस्ती में विश्वेश्वर दयाल के घर। [1]

          शिक्षा:

          इलाहाबाद से उन्होंने बीए और सन १९४९ में एमए की परीक्षा उत्तीर्ण की।

          कार्यक्षेत्र

          १९४९ में प्रयाग में उन्हें एजी आफिस में प्रमुख डिस्पैचर के पद पर कार्य मिल गया। यहाँ वे १९५५ तक रहे।

          तत्पश्चात आल इंडिया रेडियो के सहायक संपादक (हिंदी समाचार विभाग) पद पर उनकी नियुक्ति हो गई। इस पद पर वे दिल्ली में वे १९६० तक रहे।

          सन १९६० के बाद वे दिल्ली से लखनऊ रेडियो स्टेशन आ गए। १९६४ में लखनऊ रेडियो की नौकरी के बा